जानिए – वी.आई.पी सिक्युरिटी किसे मिलती है और उसका महत्त्व क्या है?

आपने बडे़-बडे़ नेता ,गणमान्य व्यक्तिओं के आसपास सुरक्षा घेरा देखा होगा. इन सभी व्यक्तिओं को सरकार की तरफ से सुरक्षा  प्रदान की  जाती   है, उसे  ही वी.आई.पी सिक्युरिटी कहते हैं. प्रसिद्धी पाने वाले इन व्यक्तिओं के जीवन को कोई भी क्षति ना पहुंचे, तथा वे जहां भी जाएं वहां उनकी सुरक्षा लगातार होती रहे, इसलिए  उन्हे यह वी आई पी सिक्युरिटी उपलब्ध करायी जाती है.
चलिए आज इस वी.आई.पी सिक्युरिटी से संबंधित सारी जानकारी लेते है.

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सिक्युरिटी किसे मिल सकती है और सिक्युरिटी देनी है कि नही यह कौन तय करता है?

इस फेहरिस्त में राष्ट्रपती, उप-राष्ट्रपती, प्रधानमंत्री, सुप्रीम तथा उच्च न्यायलय  के न्यायाधीश, सभी राज्यों के राज्यपाल, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री तथा कॅबिनेट मंत्री. सरकारी सेवा में  होने के कारण इन्हें न मांगते हुए  भी वी.आई.पी  सिक्युरिटी दी जाती  है.

वी.आई.पी सिक्युरिटी अर्थात्‌‌ अत्यंत महत्वपूर्ण  व्यक्ति को मिलने वाला सुरक्षा घेरा और ये किसे देना है यह समिती तय करती है. इस समिती में इंटेलिजन्स ब्युरो (आई.बी) अधिकारी, गृहसचिव तथा गृहमंत्री होते  है.

उसी तरह अगर राज्य सरकार सिफारिश करती है तो किसी भी व्यक्ति को वी.आई.पी अथवा वी.वी.आई.पी सिक्युरिटी प्राप्त हो सकती है.

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सुरक्षा कवच की श्रेणियां

व्यक्ति के जीवन को जितना ज्यादा खतरा  होता है उसके अनुसार सिक्युरिटी चार प्रमुख श्रेणियों में बांटी जाती है.

एक्स सिक्युरिटी, वाय सिक्युरिटी, जेड  सिक्युरिटी और जेड + सिक्युरिटी.

एक्स(x) सिक्युरिटी में सामान्य रूप की सुरक्षा प्रदान की जाती है. और इसमें  सुरक्षा अधिकारी तथा 1 व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी तैनात रहते हैं.

वाय(y) सिक्युरिटी श्रेणी में 11 सुरक्षा अधिकारी तथा 3 व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी संरक्षण प्रदान करते हैं.

उपरोक्त दोनो श्रेणियों की तुलना में जेड(z)  सिक्युरिटी काफी बडी होती है. यह एक तरह का सुरक्षा दल होता है. जेड  सिक्युरिटी श्रेणी में 22 सुरक्षा अधिकारी, एक एस्कार्ट और दिल्ली पोलिस या सीआरपीएफ की ओरसे दी गई अतिरिक्त सुरक्षा का समावेश होता है.

जेड + सिक्युरिटी सर्वोच्च श्रेणी की और सबसे सुरक्षित सिक्युरिटी मानी जाती है. जेड + सिक्युरिटी  में व्यक्ति को एसपीजी अर्थात्‌‌ ‘स्पेशल प्रोटेक्शन  ग्रूप’ (विशेष सुरक्षा दल ) का संरक्षण उपलब्ध कराया जाता है. देश के वर्तमान  प्रधानमंत्री तथा देश के पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार को, तथा देश के अती महत्त्वपूर्ण व्यक्तिओं को ही  जेड + सिक्युरिटी और एसपीजी संरक्षण दी जाती है. जेड + सिक्युरिटी श्रेणी में 36 सुरक्षा अधिकारियों के साथ अत्याधुनिक उपकरण एवं अत्याधुनिक शस्त्र से लैस अधिकारी भी तैनात रहते हैं.

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इस श्रेणी की सिक्युरिटी जिस व्यक्ति को मिलती  है उसे 24 घंटे व्यक्तिगत सुरक्षा मिलती है. सुरक्षा अधिकारी एक क्षण के लिए भी व्यक्ति को नजरों से दूर नही होने देते. इन सुरक्षा रक्षकों में 28 नेशनल सिक्युरिटी गार्ड कमांडो, एक एस्कार्ट, एक पायलट, कोब्रा कमांडो तथा 12 होम गार्ड्‌‌स का समावेश होता है.

1984 में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उन्ही के एक सुरक्षा गार्ड ने गोली मार कर हत्या कर दी उसके बाद, प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत सुरक्षा पर सवाल खड़े  हो गए . उस पर उपाय स्वरूप स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप की (विशेष सुरक्षा दल ) स्थापना कर दी गई.

इक रिपोर्ट के अनुसार एसपीजी में इस वक्त 4000 अधिकारी कार्यरत हैं. और उनका सालाना खर्चा करीबन 300 करोड के उपर होता है. मानव संसाधन पर खर्च करने वाले अन्य सिक्युरिटी फोर्स को ध्यान में रखते हुए एसपीजी अत्यंत महंगी वी.आई.पी  सिक्युरिटी फोर्स साबित होती है.

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जेड + सिक्युरिटी श्रेणी में पूर्व प्रधानमंत्री को एक शर्त होती है, और वह यह है कि जेड + सिक्युरिटी के साथ मिलने वाला एसपीजी सुरक्षा घेरा  प्रधानमंत्री के पद छोडने के बाद अगले एक साल तक ही उनके और उनके  परिवार की  सेवा में लगा रहेगा. लेकिन अगर उनके जीवन को कुछ खतरा  हो और निरंत्तर धमकीयां मिल रही हो, तो एसपीजी सुरक्षा घेरा उन्हे सालभर के बाद भी मिलता रहेगा .

भारत में केवल ६  व्यक्तिओं को ही एसपीजी संरक्षण प्राप्त  है. वह गणमान्य व्यक्ति हैं – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी, कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी एवं उनकी बहन प्रियांका गांधी वाद्रा…!!

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अब अगली बार आप खुद पहचान सकेंगे कि किस व्यक्ति को कैसी सिक्युरिटी मिली हुई है.

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