अमिताभ और अंबानी तक पीते है इस डेयरी का दूध

आम इंसान हमेशा से यह जानना चाहता है कि जो बहुत अमीर लोग होते है, वह अपने सामान कहा से खरीदते है उनके रोजमर्रा की खरीदारी कौन करता है वह दूध कौन सा पीते है या फिर उन्हें खाने में क्या पसंद है ऐसे ही कई सवाल लोगो की दिलचस्पी का सबब बन जाते है आज हम आपको उस डेयरी वाले के बारे में बताने जा रहे है जिसके दूध की सप्लाई देश के बड़े दिग्गज परिवारों के घर पर होती है. सचिन हो या फिर अमिताभ बच्चन या मुकेश अंबानी हर किसी के घर इसी डेयरी का दूध जाता है.

अत्याधुनिक मिल्किंग पार्लर और फ्रेंच तकनीक से होता है दूध का उत्पादन   

महाराष्ट्र में पुणे के उत्तर पूर्व में गांव की हरी भरी गलियों से गुजरता रास्ता भाग्य लक्ष्मी डेयरी तक ले आता है. अत्याधुनिक मिल्किंग पार्लर और साथ में मौके पर ही फ्रेंच तकनीक से दूध को बोतलों में बंद किया जाता है. भारत के हर गांव में मौजूद गौशालाओं की तस्वीर से यह बिल्कुल अलग है. यहां पर जो गाय का दूध मिलता है उसे बॉलीवुड से लेकर खेल जगत और अंबानी तक उसका दूध पीतें हैं

भाग्यलक्ष्मी डेयरी के ग्राहकों की सूची में देश के कई बड़े रईस और सेलिब्रिटी परिवार शामिल है. इसे जानने के बाद आपके मन में विचार आ रहा होगा कि आखिर इसके दूध में ऐसा क्या है जो सारे सेलिब्रिटी खरीदते है. तो आपको बता दे कि इनका दूध कीमती तो नहीं है हाँ लेकिन आम आदमी के हिसाब से थोड़ा महंगा जरूर है भाग्यश्रीलक्ष्मी डेयरी का दूध 90 प्रति लीटर की कीमत पर बाजार मिलता है.

भाग्यलक्ष्मी का दूध दक्षिणी मुंबई में रहने वाले 1500 खाते पीते परिवारों को जाता है. जाहिर है कि इस कीमत पर यह दूध कम से कम भारत के आम लोगों के लिए विलासिता ही है. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड का अनुमान है कि भारत में 2010-11 में कुल 12.1 करोड़ टन दूध पैदा हुआ जो दुनिया भर में पैदा हुए दूध का 17 फीसदी है. भाग्यलक्ष्मी डेरी है इस डेरी में जिन गायों को रखा गया है उनकी संख्या 3500 है और इन गायों की देखभाल के लिए यहां पर 75 कर्मचारी हैं जो इन सभी गाय की देखभाल करते हैं.

साफ़-सफाई का बेहतर ख्याल 

भाग्यलक्ष्मी के मैनेजर के मुताबिक भाग्यलक्ष्मी में वह गायों के चारे के साथ साथ उनकी सेहत का खास ख्याल रखते हैं. बाहर की गाड़ियों को परिसर में घुसने से पहले विसंक्रमित किया जाता है इसी तरह यहां काम करने वाले लोगों को खास तरह के रक्षक कपड़े पहनाए जाते हैं जिससे कि गाय और दूध को किसी भी संभावित नुकसान से बचाया जा सके.

मैनेजर के मुताबिक यह शायद भारत का बेहतरीन और सबसे साफ डेयरी फार्म है. भारत में अगर गायों की संख्या देखें जो करीब 12 करोड़ है, तो यहां डेयरी फार्म के विकास की अपार क्षमता है, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा. इसमें सुधार किया जा सकता है. मैं यहां भारत को तकनीक दिखाने के लिए हूं. अगर आप गायों को ठीक से खिलाएंगे और पशुपालन की तकनीकों का इस्तेमाल करेंगे तो उनमें सुधार होगा.”

 

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