“बरमुडा ट्रायंगल के रहस्य उजागर!” – वैज्ञानिकों का दावा

जबसे बरमूडा ट्रायंगल का नाम  दुनिया के सामने आया हें, तबसे वो एक रहस्य बना हुआ है . आज भी वैज्ञानिक बरमूडा ट्रायंगल के रहस्य को सुलझाने में दिन-रात एक किये हुए है . बरमूडा ट्रायंगल को लेकर कई निष्कर्ष निकाले जा चुके हें. किसी के दावों में थोड़ी बहुत सच्चाई थी और कई लोगों के बड़े-बड़े दावे झूठे निकल गए . इसके आलावा वैज्ञानिकों के एक समूह ने हाल ही में बरमूडा ट्रायंगल के राज सुलझाकर उसके रहस्यों पर से पर्दा उठाने का दावा किया है.

महासागर के पांच हजार किमी वर्ग क्षेत्र में फैला हुआ है यह ‘बरमुडा ट्रायंगल’

इसने सैकड़ों जहाजों और कई हवाई जहाजों को निगल लिया हैं. पिछले १०० सालों में एक हजार से अधिक लोग बरमूडा ट्रायंगल की बली चढ़ गए  है. बहुत दूर तक यात्रा करने वाले जहाज भी बरमूडा  ट्रायंगल के नरक में खिचे चले आते है .

Bermuda-Triangle-mystery-kuchhnaya01

स्रोत

वैज्ञानिको के अनुसार,

Air bombs के जुड़ जाने से बरमूडा  ट्रायंगल के ऊपर हेक्सागोनल आकार के बादल तैयार हो जाते हें. इन air bombs के माध्यम के निर्माण से हवा इतनी विशाल गती प्राप्त कर लेती है कि जिस वजह से महासागर में ४५ मीटर की ऊँची तक लहर उठती हें. Micro bursts एक जुट होने की  वजह से air bombs तैयार  होते हें. Micro bursts बादल के नीचे से निकल जाते हैं और फट जाते है. फटने की वजह है कि वो महासागर से टकराते है और उसमें से विशाल आकार की लहरे उठती हैं . उसी वजह से इस क्षेत्र में आने वाली किसी भी चीज़ को ये लहरे खिंच लेती हैं.

Bermuda-Triangle-mystery-kuchhnaya02

स्रोत

बरमूडा ट्रायंगल द्वीप के पश्चिम में बड़े विशालकाय बादल बड़े पैमाने पर देखे जा सकते हें, जो करीब २०-२५ मील की दूरी तक बिखरे हुए हैं. इसी वजह से वैज्ञानिकों की  राय कई माममों में सही है ऐसा जानकारों का कहना हैं.

उनकी थ्योरी बताने वाला यह वीडियो जरुर देखिये

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *