तो इस वजह से डरते है कई मर्द अपनी पत्नियों से

दुनिया में पति-पत्नी के झगड़े जग जाहिर है. इंसान ही नहीं बल्कि देवी देवता भी पत्नी को लेकर कई कहानिया प्रचलित है. कहा जाता है पति-पत्नी का रिश्ता दुनिया के सबसे प्यारे रिश्तों में से एक है. एक कहावत बहुत प्रचलित है औरतों को समझना बहुत मुश्किल काम है. बावजूद इसके ऐसे कई पति होते है जो अपनी पत्नियों से डरते है. आइए कुछ ऐसी ही वजहें जानते हैं, जिनके कारण पति अपनी पत्नियों से डरते हैं.

ब्रह्मा जी भी स्त्री के श्राप से बच नहीं पाए 

एक बार पुष्कर में ब्रह्मा जी ने यज्ञ का आयोजन किया और देवी सरस्वती के यज्ञ स्थल तक पहुंचने में समय लग गया तो गायत्री नाम की कन्या से विवाह कर लिया. देवी सरस्वती ने जब ब्रह्मा के साथ गायत्री को देखा तो शाप दे दिया. आपकी पूजा कहीं नहीं होगी और रुठकर रत्नागिरी पर्वत पर चली गई. यहां देवी सरस्वती की सावित्री रूप में पूजा होती है.

जैसा की आप सभी जानते है कि पूरी दुनिया में भगवान ब्रम्हा की कही मंदिर में पूजा नहीं होती. सिर्फ एक जगह राजस्थान के अजमेर जिले में पुष्कर नामक स्थान पर ब्रह्मा जी का एक मन्दिर है. पुष्कर अजमेर शहर से १४ किलोमीटर दूरी पर स्थित है. पुष्कर राजस्थान राज्य का विख्यात तीर्थस्थान है जहाँ प्रतिवर्ष प्रसिद्ध ‘पुष्कर मेला’ लगता है.

भगावन विष्णु को छोड़ गयी लक्ष्मी 

हमेशा भगवान विष्णु के चरणों की तरफ बैठने वाली लक्ष्मी जी एक बार दुर्वाषा ऋषि के श्राप के कारण देवी लक्ष्मी बैंकुठ धाम छोड़कर अपने मायके सागर के अंदर चली गईं. इसके बाद पूरे देवलोक के साथ ही बैकुंठलोक में भी अंधेरा छा गया. बैकुंठ का सारा वैभव गायब हो गया तथा वहां अब चमक नहीं रही. इसके बाद सागर मंथन द्वारा लक्ष्मी पुन प्रकट हुई तथा भगवान विष्णु ने फिर उन्हे नाराज करने का जोखिम नहीं लिया. कहते है कि हर स्त्री में देवी लक्ष्मी का वास होता है और हर स्त्री गृहलक्ष्मी होती है.

भगवान शंकर भी जब डरे थे अपनी पत्नी से

पौराणिक कहानी स्त्री शक्ति का अंदाजा भगवान शंकर को तब हुआ जब उन्होने एक बार देवी सती को मायके जाने से मना कर दिया . देवी सती इस बात को लेकर बहुत क्रोधित हुई. उन्होने विकराल रूप धारण कर10 महाविद्याओं को उत्पन्न किया. 10 महाविद्याओं ने भगवान शिव पर आक्रमण कर दिया. अंत में शिवजी ने उनसे बचने के लिये माता सती के पास आना पड़ा. यानी देवी सती भगवान शिव ने इस बात को तय कर लिया कि पति और पत्नी में हमेशा पत्नी का वर्चस्व रहेगा.

यानी पत्नी रूठी तो सब रुठे इसलिये पत्नी को मनाए रखने में ही पति अपनी भलाई मानते हैं.

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