दुनिया के ऐसे देश जो देते हैं मुफ्त में जमीन और घर निर्माण के लिए लाखों रुपयों की सहायता राशी

आज इस महंगाई के दौर में इस दुनिया में हर एक इंसान का एक सपना होता है कि उसका अपना घर हो, जिसमें अपने परिवार के साथ देखे गये हसीं सपनों को वो पूरा होता हुआ देखे।.आसमान छूती ज़मीन की कीमतों और बिल्डर्स की मनमानी के बीच आजकल तो अपने घर का सपना सिर्फ़ सपना ही हो कर रह गया. आजकल भारत के दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में जहां एक तरफ भीड़ बढ़ती ही जा रही है, वहीं कुछ देश ऐसे भी है, जो अपने नागरिकों के इस सपने को पूरा करने के लिए खुद आगे आते हैं, जिससे कि उनके यहां रहने वाले हर नागरिक को खुद का घर मिले. आज हम आपको कुछ ऐसे ही देशों के बारे बता रहे हैं, जो अपने नागरिकों को घर बनाने के लिए पैसों के साथ मुफ्त जमीन भी देते हैं.

अलास्का, यूएसए

यूएसए में फ्री ज़मीन सोचना भी नामुमकिन सा लगता है. पर ऐसा संभव है. अलास्का यहाँ की आबादी बसाने के लिए इस तरह के ऑफर दे रहा है और लगातार प्रयास कर रहा है. अलास्का राज्य की सरकार 1976 से यहां रहने वालों को परमानेंट फंड रिजर्व स्कीम के तहत इंसेंटिव देती आ रही है.

ये अलास्का की तेल बिक्री से मिलने वाली रॉयल्टी होती है, जो सभी नागरिकों के बीच बांट दी जाती है. यहां रहने के लिए आपको सालाना एक लाख रुपए तक मिल सकते हैं. सामान्य दिनों में ये रकम औसतन 80 हजार रहती है लेकिन अच्छी रॉयल्टी मिलने पर यह रकम एक लाख रुपए सालाना तक पहुंच जाती है.

सस्काचेवान, कनाडा

विदेशों में पढ़ना चाहते हैं, तो अमेरिका से सटे कनाडा का सस्काचेवान शहर आपके लिए बेहतर ऑप्शन हो सकता है. ज्यादा से ज्यादा कॉलेज स्टूडंट्स को अट्रैक्ट करने के लिए यहां की सरकार ने 2010 से एक स्कीम चलाई है. यहां की यूनिवर्सिटीज में पढ़ने वालों को उनकी ट्यूशन फीस रिइंबर्श की जाती है, जो करीब 10 लाख 25 हजार रुपए तक वापस मिलती है.

रिइंबर्समेंट पाने के लिए जरूरी है कि शहर की तरफ से प्री-अप्रूव्ड इंस्टीट्यूट्स से ही आपने ग्रैजुएशन किया हो. इसके साथ ही कम से कम छह महीने तक आप इस शहर में रह रहे हों.

मर्ने, आयोवा

करीब 149 घर वाले इस देश में लोगों को बसाने के लिए यहां की सरकार कई प्रयास कर रही है. यहां लोगों को फ्री ज़मीन देकर जनसंख्या को बढ़ाना. टू डील द सील के तहत मरीन हाउसिंग एंड डवलपमेंट काॅरपोरेशन यहां लोगों को 1200 स्कॉवर फीट ज़मीन बिल्कुल फ्री में देती है, बर्शते आपको उस पर 2 साल के अंदर घर ज़रूर बनाना होगा.

डेट्रॉइट, मिशिगन

लेबर फोर्स की कमी से जूझ रहीं डेट्राइट की कुछ बड़ी कंपनियां युवाओं को न सिर्फ नौकरी दे रही हैं, बल्कि वह उन्‍हें यहां रहने पर इंसेंटिव भी मुहैया करा रही हैं. डेट्राइट में मूव होने के बाद जब आप कोई घर किराए पर लेंगे, तो आपको पहले साल करीब 1 लाख, 60 हजार रुपए का रेंटिंग अलाउंस मिलेगा. इसके बाद सालाना आपको करीब 60 हजार रुपए मिलते रहेंगे. अगर यंहा कोई घर खरीदना चाहे तो 10 लाख रुपए का फोरगिवेबल लोन मिलेगा. अगर पहले से ही आपका यहां घर है, तो इसके रेनेवेशन के लिए तीन लाख रुपए तक प्राप्त होते हैं.

मार्क्‍वेट, कैंजस

अपने सपने के साथ रहने वालों के लिए मार्क्‍वेट किसी जन्नत से कम नहीं. यहां के लोग खुद ऐसे लोगों को निमंत्रण भेजते हैं, जो यहां रहने के इच्छुक होते हैं. फ्री ज़मीन के लालच में कई लोग यहां का रूख करते हैं, जिसकी वजह से ज़मीन लेने के तुरंत बाद ही घर बनाना फायदे का सौदा होता है. जमीन मिलने के एक साल के अंदर उस पर आवास निर्माण करना होगा. निर्माण पूरा होने के बाद कम से कम एक साल तक उस घर में रहना होगा.

न्यू हेवेन, कनेक्टिकट

कनेक्टिकट के न्यू हेवेन शहर में परिवार के साथ रहने वाले लोगों के लिए यहां की सरकार ने फायदेमंद स्कीम्स शुरू की हैं. न्यू हेवेन में अगर परिवार के साथ रहते हैं तो यहां करीब 6 लाख रुपए एसिस्टेंटशिप के तौर पर मिलते हैं. इसका इस्तेमाल होम लोन की डाउन पेमेंट भरने और अन्य खर्चे उठाने के लिए किया जा सकता है. अपने घर में एनर्जी सेविंग्स अपग्रेड करवाएंगे, तो इसके लिए 20 लाख रुपए तक की मदद प्राप्त होगी. यही नहीं, छात्रों को फ्री ट्यूशन दिया जाता है. सालाना एक लाख रुपए के इंसेंटिव भी छात्रों को मिलते हैं.

लिंकन, कैंजस

करीब 3,241 आबादी वाला ये शहर अपने यहां आने वाले लोगों का दोनों बांहे फैला कर स्वागत करता है. अपने कल्चर को लेकर यहां के लोग काफी सजग हैं और उसके भविष्य को सुनिशचित करने के लिए यहां की सरकार लोगों को फ्री ज़मीन जैसी बुनियादी सुविधाएं देती है. जमीन मिलने के एक साल के अंदर उस पर आवास निर्माण करना होगा. निर्माण पूरा होने के बाद कम से कम एक साल तक उस घर में रहना होगा.

हार्मनी, मिनिसोटा

न कोई नागरिकता का बंधन और न ही उम्र और इनकम की कोई तय सीमा. मिनिसोटा के हार्मनी शहर में रहना सबसे ज्यादा फायदेमंद है. आधुनिक सुविधाओं से लैस साउदर्न मिनिसोटा में अगर आप रहना पसंद करते हैं, तो सबसे पहले अपना घर यहां बनवाइए. घर बनाने में लगने वाले खर्च में यहां की सरकार की तरफ से करीब 6 लाख रुपए की छूट दी जाती है. 6 लाख रुपए तब ही मिलेंगे, जब घर बनकर तैयार हो जाएगा. छूट हासिल करने के लिए घर बनवाने का काम शुरू करने से पहले ही अप्लाई करना होगा.

मुस्केगों, मिशिगन

एक तरफ दुनिया के कई देश बढ़ती जनसंख्या को लेकर परेशान हैं, पर यहां कहानी कुछ उल्टी ही है. यहां के लोग अपनी जनसंख्या को बढ़ाने के लिए लोगों को दावत देते हैं कि वो यहां आये और अपना घर बनाये. इसके साथ ही उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ज़मीन मुहैया कराती है.

न्यू रिचलैंड, मिनिसोटा

चर्च की घंटी के साथ एक कप कॉफी लेकर उगते हुए सुरज को अपनी छत से देखना वाकई एक सुखद अनुभव है. आजकल की भाग-दौड़ भरी दुनिया में ये अनुभव किसी सपने से कम नहीं लगता अगर आप इस सपने को सच करना चाहते हैं, तो न्यू रिचलैंड आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं. न्यू रिचलैंड में भी मुफ्त जमीन मिलेगी. इस पर आप अपना घर बनाएं और सरकारी स्कीम्स का लाभ उठाएं. न्यू रिचलैंड में घर बनाने में तकरीबन 13 लाख रुपए का खर्च आता है, लेकिन सरकार की तरफ से चार लाख रुपए की मदद मिलने के बाद 9 लाख रुपए में ही तैयार हो जाएगा.

बीट्राइस, नेब्रास्का

न रहने की टेंशन, न काम का झंझट, कसम से ऐसा तो बस सपने में ही हो सकता है. पर इस सपने को हक़ीकत में बदलता है बीट्राइस जहां आपको ज़मीन एक शर्त पर मिलती है कि 5 सालों तक आपको ज़मीन का रख-रखाव करना होगा. इसके साथ ही आपको इस ज़मीन से रेवेन्यू पैदा करना होगा, जिससे की सरकार शहर का खर्च चला सके.

कैम्डेन, मैंने

जहां तक आपकी नज़र जाएगी वहां तक सिर्फ ज़मीन ही ज़मीन होगी, आप जितनी चाहे ज़मीन लेकर उस पर इंडस्ट्री खड़ी कर सकते हैं. बस आपको यहां के 25 स्थानीयों को रोजगार देना होगा.

 

तो थी उन देशों की लिस्ट जहां की सरकारें अपने नागरिकों में वृद्धि के लिए मामूली शर्तो में दे रही है बहुत कुछ.

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