33 प्रतिशत अंक पाने वाले CBSE बोर्ड के छात्र होंगे पास

वर्ष 2018 की केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं व बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं से शुरू हो चुकी हैं. परीक्षा को ध्यान में रखते हुए. सीबीएसई ने इस बार दसवीं बोर्ड परीक्षा के पास होने के मानदंड में अहम बदलाव किया है. इसके तहत आंतरिक व बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन को मिलाकर 33 फीसद अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भी पास माना जायगा. इसके तहत आंतरिक व बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन को मिलाकर 33 फीसद अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भी पास हो जाएंगे. हालांकि दसवीं में पास होने के मानदंड में यह बदलाव सिर्फ इस सत्र की बोर्ड परीक्षा के लिए किया गया है. इसके आलावा भी कई अहम् बदलाव और सुविधाओं की पहल बोर्ड ने की है.

मरीज छात्रों को मिलेंगे कई सुविधाएं 


बोर्ड परीक्षा के दौरान मधुमेह टाइप- 1 से पीड़ित विद्यार्थी परीक्षा कक्ष में शुगर की दवा, चॉकलेट, कैंडी, केला, संतरा, सेब, सैंडविच व पानी की छोटी बोतल ले जा सकेंगे. इस सुविधा का लाभ प्राप्त करने के लिए आकस्मिक रूप से बीमार विद्यार्थी को असिस्टेंट सर्जन स्तर के चिकित्सा अधिकारी की तरफ से जारी मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा. इस संबंध में सीबीएसई ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं.

सीबीएसई ने अपने परीक्षा उपनियमों में इस बार से अहम बदलाव किया है. इसके तहत परीक्षा के दौरान अगर विद्यार्थी बीमार हो जाते हैं तो ऐसी स्थिति में उन्हें प्रश्न पत्र हल करने के लिए स्क्राइब (लिपिक) की सुविधा मिलेगी.

इसके बाद वे जूनियर विद्यार्थी का स्क्राइब के तौर पर प्रयोग कर सकेंगे. ऐसे विद्यार्थियों को सीबीएसई अतिरिक्त समय के साथ-साथ एक अलग कक्ष उपलब्ध कराएगा. यहां निगरानी के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी.

दिव्यांग विद्यार्थियों को मिलेगा कंप्यूटर

दिव्यांग या विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थी प्रश्न पत्र हल करने के लिए कंप्यूटर या लैपटॉप का प्रयोग कर सकेंगे. सीबीएसई के अनुसार कंप्यूटर या लैपटॉप का प्रयोग ऐसे विद्यार्थी उत्तर लिखने, प्रश्नों को देखने के लिए बड़ा करने के लिए कर सकते हैं. इन कंप्यूटरों में इंटरनेट कनेक्शन का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा. इन्हें प्रयोग से पहले फॉरमेट किया जाएगा.

दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं सुबह 10:30 से शुरू होंगी. दसवीं व बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण रूप से संपन्न बनाने के लिए बोर्ड ने देशभर में कुल 8,591 परीक्षा केंद्र बनाए हैं. इनमें परीक्षा देने के लिए दोनों कक्षाओं के कुल 28 लाख 24 हजार 734 विद्यार्थियों पंजीकृत हैं.

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