सचिन तेंदुलकर और रेखा है ऐसे सांसद जो सदन में बिना कुछ बोले हो रहे रिटायर

भारतीय संसद के राज्यसभा सदन से अगले महीने दर्जनों सांसद सेवानिवृत्त हो रहे है. मगर क्या आप जानते है रिटायर हो रहे सांसदों में कुछ ऐसे भी सांसद है जो सदन में बिना कुछ बोले ही रिटायर हो रहे है. तो चलिए आपको बताते है ऐसे ही चर्चित नामों को जिन्होंने सदन में कोई सवाल कोई प्रस्ताव नहीं रखा..

पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर 

सचिन तेंदुलकर 27 अप्रैल 2012 को राज्यसभा के लिए मनोनीत सदस्य चुने गए . क्रिकेट के मैदान में गेंद और बल्ले की सनसनाहट से जहां पूरी दुनिया चौंक जाती थी वही संसद में उनकी आवाज सदन के लोग नहीं सुन पाए. सचिन तेंदुलकर के नाम क्रिकेटर के तौर पर भले ही कई रिकॉर्ड दर्ज हो लेकिन वे राज्यसभा में बिना कोई रिकॉर्ड बनाए रिटायर हो रहे हैं. अप्रैल में सचिन की राज्यसभा की पारी खत्म हो जाएगी. वे सदन में एक बार भी नहीं बोले. एक बार दिसंबर  2017  के शीतसत्र में वे कुछ बोलना चाहते थे लेकिन हंगामे के कारण बोल नहीं सके.  राज्यसभा में सचिन की उपस्थिति भी 8 प्रतिशत ही रही.

बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री रेखा 

सदन में उपस्थिति का सबसे खराब रिकॉर्ड (साढ़े चार पर्सेंट) बनाकर टीका-टिप्पणी झेल चुकीं रेखा ने छह साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है. अपनी अदा ,डायलॉग डिलीवरी और कातिल निगाहों से फ़िल्मी परदे पर सबको घायल कर देने वाली अभिनेत्री रेखा जब राज्य सभा में पहुंची थी तब नेताओं के बीच कानाफूसी चलती थी. रेखा को देख कर नेता दंग थे और मर्माहित भी. फ़िल्मी परदे पर दिखने वाली रेखा उनके सामने थी. रेखा के पांच साल गुजर गए संसद में. अब वे रिटायर भी हो रही है. लेकिन उनकी आवाज संसद में नहीं गूंज सकी. उनकी आवाज सुनने को नेता भी तरस गए. पिछले पांच साल में रेखा ने एक सवाल नहीं पूछा. अपनी जुवां तक नहीं खोली. कह सकते हैं कि संसद में बिना कोई सवाल किये ही रिटायर हो गयी.

सदस्यता रद्द करने की उठी थी मांग 

बैंक का करोड़ों रुपये का घोटाला कर भागने वाले विजय माल्या का हवाला देते हुए मार्च 2017  में दोनों की सदस्यता रद्द करने की उठी थी मांग. राज्यसभा से गैरहाजिर रहने पर अब समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल ने मनोनीत सांसद क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और अभिनेत्री रेखा की सदस्यता पर सवाल उठाते हुए कहा था कि या तो दोनों सदस्य खुद इस्तीफा दे दें या फिर दोनों को राज्यसभा से बाहर किया जाए. अग्रवाल ने कहा था कि जब माल्या को बाहर किया जा सकता है तो इन दोनों को क्यों नहीं. बता दें कि सचिन तेंदुलकर और रेखा की राज्यसभा में उपस्थिति बहुत कम रही है.

ये सांसद भी होंगे सेवानिवृत्त 

सचिन, रेखा के अलावा सपा सांसद जया बच्चन, अनु आगा भी इस बार रिटायर होने वाली हैं. तेलुगू फिल्मों के सितारे चिरंजीवी, भाजपा के भूपेंद्र यादव, कांग्रेस की रेणुका चौधरी, अभिषेक मनु सिंघवी और प्रमोद तिवारी, बीजू जनता दल के सांसद बने पूर्व हॉकी खिलाड़ी दिलीप टिर्की, भाजपा के पुरुषोत्तम रुपाला और विनय कटियार का कार्यकाल भी अप्रैल में ही समाप्त हो रहा है. सपा के नरेश अग्रवाल और कांग्रेस के राजीव शुक्ला का भी कार्यकाल भी खत्म हो रहा है.

पूर्व सांसदों को मिलने वाली सुविधाएं

संसद सदस्य वेतन, भत्ता और पेंशन अधिनियम 1954 के तहत सांसदों को पेंशन मिलती है. एक पूर्व सांसद को हर महीने 20 हजार रुपए पेंशन मिलती है. 5 साल से अधिक होने पर हर साल के लिए 1500 रुपए अलग से दिए जाते हैं. पेंशन के लिए कोई न्यूनतम समय सीमा तय नहीं है. यानी कितने भी समय के लिए सांसद रहा व्यक्ति पेंशन का हकदार होगा.

सांसदों और विधायकों को डबल पेंशन लेने का भी हक है. कहने का अर्थ यह कि कोई व्यक्ति पहले विधायक रहा हो और बाद में सांसद भी बना हो तो उसे दोनों की पेंशन मिलती है.

फेमिली पेंशन के साथ मुफ्त रेल सफ़र 

सांसद या पूर्व सांसद की मृत्यु पर उनके पति, पत्नी या आश्रित को आजीवन आधी पेंशन दी जाती है. पूर्व सांसदों को किसी साथी के साथ ट्रेन में सेकेंड एसी में मुफ्त यात्रा की सुविधा है. अकेले यात्रा पर प्रथम श्रेणी एसी की सुविधा है.

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