ॐ – जीवन का महा मंत्र

ॐ ॐ ॐ…..

हम सभी ने सुना ही होगा ….तो आईये इसके कई राज हम आपको बताते है …सबसे पहला तो ये की , यह शब्द विशेष तौर पर किसी विशेष धर्म का हिस्सा नही बल्कि योग का हिस्सा है..यह बात सच है की हम इस मंत्र का उच्चारण हिन्दू उपनिषद और हिन्दू रीति के पूजा पाठ में विशेष तौर पर देखते है ….शायद यही वजह है की हिंदू ग्रन्थ विश्व भर में ज्ञान और अविष्कार का ख़जाना माना जाते है ….ॐ उच्चारण मात्र से ही हमें कई फायदे पहुँचाता है भले ही हम उससे अवगत न हो…

ॐ शब्द तीन ध्वनिओं से बना हुआ है – अ ,उ ,म.. इन तीनों ध्वनिओं का अर्थ उपनिषद में भी आता है …. ॐ मन्त्र के जप से कई तरह के फायदे होते है …विशेष तौर पर चिकित्सा और मनोविज्ञान में … हम अक्सर देखते है, योग गुरु… योग के साथ ॐ मंत्र के जप पर विशेष जोर देते है…ऐसा भी माना गया है , जब ब्रम्हांड की संरचना हुई…उस वक़्त सबसे पहला शब्द जो उच्चारित हुआ वह ॐ ही था …

ॐ शब्द के वैसे तो अनेको फायदे है …लेकिन आज हम कुछ खास फायदों को आपके लिए लेकर आये , जिससे की आप भी इस मंत्र का भरपूर फयदा उठा सके … तो आईये सबसे पहले बात करते है … मनोव्ज्ञानिक लाभ की ….अगर आप ॐ मंत्र को अपने रोज मर्रा के जीवन में शामिल करते है तो आप देख सकते है …किस तरह से दिन पर दिन आपका आत्मविश्वास बढ़ रहा है … क्यूंकि जब ॐ जप किसी की रोज मर्रा की ज़िन्दगी का हिस्सा बनता है … उस व्यक्ति का कंसंट्रेशन यानि एकाक्ग्रता बढ़ाने में काफी मदद पहुँचाता है ..जिसके चलते व्यक्ति खुद में सकारात्मक अनुभव महसूस करता है ….और उसका अत्मविश्वास अपने आप बढ़ना शुरू कर देता है….साथ ही व्यक्ति नयी उमंग और स्फूर्ति का अनुभव महसूस करने लगता है …..

ॐ का जप इन्द्रियो पर भी नियंत्रण करना सिखाता है …जिसके वजह से व्यक्ति अपने क्रोध पर भी नियंत्रण करना सीखता है …. चिकित्सा में भी कई फायदे ॐ मंत्र मात्र से देखे गये है … ॐ मंत्र पाचन और सांस की बीमारीओं को ठीक करने में बहुत लाभ देता है …साथ ही अनिंद्रा की बीमारी से भी रहत प्रदान करता है….

जो लोग ॐ मंत्र का जप रोजाना करते है …उनके चेहरे में विशेष तेज़ देखा जाता है ….ॐ मंत्र का जप करते वक़्त लेकिन कुछ खास चीजों का ख्याल किया जाये तो यह विशेष लाभ प्रदान कर सकता है …जैसे की जब इस मंत्र का योग में उपयोग किया जाये ,उस वक़्त आस पास का वातावरण शांत हो तो ज्यादा लाभ होगा… क्यूँकी इस तरह से हम ॐ मंत्र का अनुभव आतंरिक तौर पर भी महसूस कर पाएंगे ….. साथ ही अगर ढीले और सूती कपड़े पहने जाये तो और भी लाभ दे सकता है …

इसके अलावा जो महत्वपूर्ण है , आँखे तब तक बंद रखे जब तक ॐ मंत्र अंतरात्मा तक पहुँच सके….दिल की धड़कन और रक्तसंचार को भी बेहतर संचार करने में मदद करता है .. जब मन और दिल दोनों ही स्वस्थ्य होगा…तो निश्चित तौर पर चेहरे पर भी विशेष चमक को देखा जाएगा …यही वजह है, शास्त्रों में कई तरह के सौंदर्य विशेष के मंत्र मौजूद है …और उन सभी में शुरुआत ही ॐ शब्द के उच्चारण के साथ की जाती है …आज ॐ शब्द का जादू योग तक ही सीमित नही है…बल्कि इसका दायरा कई मायनों में बढ़ चुका है…

कई योग गुरु और अध्यात्म गुरु ॐ को ही ध्यान में रखते हुए इसके ज्ञान का प्रसार कर रहे है … अगर आज के समय में देखे तो ॐ शांति –प्रजापति ब्राह्म कुमारी (माउंट अबू) की संस्था इस पर विशेष कार्य करती हुई दिख रही है …साथ ही और भी कई अध्यात्मिक और योगगुरु है जो की इस मंत्र के गुणों को समाज में लेकर आ रहे है …

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