जब टैक्स के नाम पर बाजार में नंगा घुमते थे कुंवारे लड़के

देश के आम बजट से लोगों को हर बार की तरह इस बार भी टैक्स कटौती की उम्मीद है. इतिहास पर नजर डालें तो दुनिया में ऐसे कई अनोखे टैक्स सरकारों ने लगाए हैं, जो आपका दिमाग घूमा देंगे. अलग-अलग देशों में टैक्स यानी कर वसूलने के कानून भले है अलग हो मगर दुनिया में ऐसे भी कई देश है जो टैक्स का तरीका ही अलग है. आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही अजीबो-गरीब टैक्सों के बारे में…

बैचलर टैक्स 

इंग्लैंड में 1695 में जूलियस सीज़र ने और पीटर द ग्रेट ने 1702 में बैचलर टैक्स को लागू किया था. अमेरिका के एक स्‍टेट मिजॉरी में भी इस कानून को 21 साल से 50 साल के बैचलर पुरुषों पर यह टैक्स लगाया था. इन बैचलर्स को बाजार में बिना कपड़ों के जाना पड़ता था और अपना ही मजाक उड़ाते हुए घूमना पड़ता था. इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका में १९१९ में, १९२३ में जर्मनी में, १९२७ में इटली में बैचलर टैस्क लगाये गये थे.

कंजेशन टैक्स

दिल्ली में यह अजीबो-गरीब तरह का टैक्स 1 अप्रैल 2012 से लगने वाला था, जिसमें भीड़ वाली जगहों पर पीक आवर्स में निजी गाड़ी ले जाने पर तय शुल्क देना पड़ता. हालांकि इस तरह के टैक्स पर एक राय नहीं बनी और इसे आगे के लिए विचाराधीन रखा गया. हालांकि आपको बता दें कि लंदन और मिलान में कंजेशन टैक्स लगा हुआ है.

हेड टैक्स फॉर चाइनीज

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20वीं सदी की शुरुआत में कनाडा में आने वाले हर चीनी पर हेड टैक्स लगाया जाने लगा. न्यू जीलैंड में भी इसके लिए कुछ इसी तरह के टैक्स की व्यवस्था की गई. बाद में दोनों ही देशों ने इस तरह के रेसिस्ट टैक्स की लिए माफी मांगा.

दाढ़ी पर टैक्स 

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इंग्लैंड के हैनरी VIII, उनकी बेटी एलिजाबेथ I और रूस के पीटर द ग्रेट ने दाढ़ी पर टैक्स लगाया था. वहीं विलियम III ने खिड़कियों पर टैक्स लगाया था. हेनरी I ने उन लोगों पर टैक्स लगाया था, जो इंग्लैंड के लिए लड़ना और मरना नहीं चाहते थे. पीटर द ग्रेट ने सोल टैक्स यानी आत्मा पर कर वसूलने की व्यवस्था उन लोगों से की थी, जो यह यकीन करते थे कि उनके पास आत्मा जैसी कोई चीज है. हालांकि, जो लोग कहते हैं कि उनका आत्मा में विश्वास नहीं है, उनपर धर्म में आस्था न रखने का टैक्स लिया जाता था.

यूरिन (पेशाब) टैक्स

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भारत में शौचालय में पेशाब करने के लिए एक या दो रुपये लिए जाते है. मगर रोम के राजा वेस्पेशन ने पब्लिक यूरिनल पर टैक्स सिस्टम स्टार्ट का ऐलान किया था. पब्लिक यूरिनल से एकत्रित यूरिन को बहुत सारे के मिकल प्रोसेस में इस्तेमाल किया जाता था. वहां कपड़ों को धोने के लिए भी यूरीन का प्रयोग किया जाता था. जो इंडस्ट्री यूरिन खरीदती थी उन्हें टैक्स भरना पड़ता था.

ब्रेस्ट टैक्स

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आपको पढ़कर हैरानगी हो रही होगी कि यह कैसा टैक्स है, लेकिन इतिहास में ऐसा भी हुआ है. ब्रेस्ट को माप कर टैक्स कलेक्टर्स टैक्स वसूलते थे. जिससे परेशान होकर एक बार तो एक महिला ने अपनी ब्रेस्ट ही काटकर टैक्स कलेक्टर के हाथ में ही दे दी थी.

विस्तार से पढ़े : भारत का एक ऐसा राज्य जहां देना होता था स्तन टैक्स

टैटू टैक्स

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ऑरकैंसस में शरीर पर टैटू बनवाने पर टैक्स भरना पड़ता है. इतना ही नहीं टैटू के साथ-साथ कोई अगर बॉडी पियर्सिंग या इलेक्ट्रोलीसिस ट्रीटमेंट करवाता है तो उसे भी सेल्स टैक्स के तहत 6% टैक्स देना होता है.

सेक्स टैक्स

भले ही प्रॉस्टिट्यूशन जर्मनी में लीगल है, लेकिन इसके लिए यहां सेक्स टैक्स जैसे कानून बनाए गए हैं. 2004 में आए इस टैक्स कानून के तहत हर प्रॉस्टिट्यूट को शहर को 150 यूरो हर महीने देने पड़ते हैं. पार्ट टाइमर को अपने हर दिन के काम के लिए 6 यूरो चुकाने पड़ते हैं। इस सेक्स टैक्स की बदौलत यहां 1 मिलियन यूरो वार्षिक की आमदनी होती है.

हार्ड लेबर टैक्स 

इजिप्ट में टैक्स का मतलब ‘लेबर (मेहनत)’ था। कुछ एक लाख लोगों का कहना था कि उन्होंने 20 साल तक पिरामिड के लिए मेहनत की है। अफवाह यह उड़ी कि फैरओह ने इस प्रॉजेक्ट के फाइनैंस को संभालने के लिए अपनी बेटी को प्रॉस्टिट्यूशन के काम में लगाया। बताया जाता है कि वह अपनी फी में अपने पिरामिड के लिए हर कस्टमर से स्टोन का एक्स्ट्रा ब्लॉक चार्ज करती थी।

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